(१)रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र में जब अमावस्या हो उस दिन अपना रक्त किसी अच्छी मिठाई में मिलाकर जिस भी स्त्री को खिला दिया जाय वह स्त्री साधक के वश में हो जाती है (२)कनेर का पुष्प व गाय का घी मिलाकर जिस भी स्त्री का नाम लेकर एक सौ आठ बार नित्य हवन किया जाय वह स्त्री सात दिनों के भीतर ही साधक के वश में होकर साधक के मन माफिक कार्य करने लगेगी | (३)शुक्ल पक्ष के पुष्य नक्षत्र में गुंजा की जड़ लाकर मस्तक पर लगाने से सर्वजन वशीकरण होता है | (४) जिस दिन स्त्री की माहवारी का समय हो उन्ही दिनों पांच अखंडित लवंग को पीस कर जिस भी पुरुष को खिला देगी वह जीवन भर के लिए स्त्री के वश में हो जाएगा | (५) भिज पत्र पर लाल चन्दन से शत्रु का नाम लिख कर शहद में डुबो देने से शत्रु का वशीकरण होता है | (६) पुरवा फाल्गुनी नक्षत्र में अनार की एक डंडी तोड़ कर लाये | उस अनार की डंडी को धुप देकर अपनी दाई भुजा में बाँध कर प्रेमिका के पास जाए तो वह जीवन भर के लिए साधक की हो जायेगी | (७) हल्दी गो मूत्र घी सरसों और पान के रस को एक साथ पीस कर शारीर पर लगाने से स्त्रिया वश में हो जाती है | (८) बिजोरे की जड़ और धतूरे के बीज को प्याज के साथ महीन पीसकर जिस भी स्त्री या पुरुष को सुंघाया जाय वह वश में हो जाता है |