वशीकरण के लिए शमशान साधना भी शव साधना की भाति एक तांत्रिक क्रिया है वशीकरण साधना भी रूद्र ,काली ,छिन्नमस्ता ,  तारा , त्रिपुर भैरवी , बंगालामुखी आदि शक्तियों की साधना में प्रयुक्त होती है | वशीकरण की सिद्धि के लिए भैरवी की सिद्धि अति आवश्यक है | वशीकरण आस्थावानो से क्षमा याचना करते हुए कहना चाहता हूँ की यदि आप समझते है की देवी या देवता की आकृतियो के वशीकरण के बिलक्षण प्राणी इस ब्रह्माण्ड में रहते है तो आप भारी भूल कर रहे है | देवी जिनके सामने प्रत्यक्ष भी होती है तो दुसरो को केवल उसकी अनभूति ही होती है | की वातावरण में परिवर्तन हो गया है | उनके जाने के बाद भी उनके तरंगो का प्रभाव या उनके आने का कोई भी चिन्ह नहीं होता है | मै हिमालय पर गया तो साक्षात गणेश जी प्रगट हो गए और बोले की कहो क्यों बुलाया है | उनका उत्तर मेरे गुरु जी ने दिया और कहा की आपको हमारे सानिध्य में की जा रही वशीकरण साधना में पुरोहित बनना है | जब गुरु देव ने आँखे खोली और मैंने भी आँखे खोली तो देखा की आलता यानी की मेहर से भरे पैरो के निशान वहा फैले थे | जैसे कोई युवती वहा से चलकर गई हो | गुरु देव की कृपा से वह अब मेरे घर में ही चाप छोड़ने लगी है | ज्यादे क्या कहू हमारे गुरु जी तो इतने सिद्ध है की उनके पुकारने मात्र से भैरव जी का दर्शन हो जाता है | और मनचाही मुराद भी पूरी हो जाती है | वशीकरण के प्रयोग में मूंगा तथा हीरा की माला लाभप्रद रहती है | आकर्षण के प्रयोगों में हाथी दांत की माला का प्रयोग किया जाता है | वशीकरण उद्देश्य के लिए पंद्रह के दानो की माला का प्रयोग करना चाहिए | वशीकरण की माला को बनाने के लिए घोड़े की पूँछ की बाल का माला अत्याधिक प्रभावशाली रहता है | वशीकरण में महारथ हासिल करने के लिए वस्त्रविहीन होकर साधना करने से जल्द ही सफलता मिलती है | वशीकरण साधना में शराब , काम ,सिगरेट , आदि पूर्णतया वर्जित है | वशीकरण साधना के अंतिम दिन शारीर में हवन की राख को मलकर बैठने से शीघ्र लाभ मिलता है | पेट को साफ़ रखना चाहिए ताकि साधना के समय आपको शौच जाने की आवश्यकता ना पड़े |

मानव जीवन का प्रत्येक पल किसी ना किसी आवश्यकता से घिरा ही रहता है | संसार का प्रत्येक प्राणी चाहे वह राग विरागी हो , ग्यानी हो या मुर्ख हो , राजा या रैंक हो चाहे जो भी हो सभी के अंदर काम भावना की लालसा रहती है | जब व्यक्ति किसी स्त्री के प्रति लालायित होता है तो उसका एक ही लक्ष्य होता है की किस तरह से उस स्त्री को प्राप्त किया जाय | वशीकरण की साधना कभी व्यर्थ नहीं जाती है उसका कुछ ना कुछ लाभ तो अवस्य ही मिलता है |